मैनपुरी: बेवर कस्बे में गैस सिलिंडर की समस्या ने एक परिवार में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। सिलिंडर न मिलने से नाराज होकर एक महिला अपने दो जुड़वां बच्चों और पति को छोड़कर मायके चली गई, जिससे पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
घटना बेवर के जीटी रोड निवासी शिव शंकर अग्रवाल के परिवार की है। शिव शंकर स्थानीय गैस एजेंसी के उपभोक्ता हैं। उन्होंने बताया कि उनका गैस सिलिंडर 12 मार्च को समाप्त हो गया था। इसके बाद 13 मार्च को वह एजेंसी पर नया सिलिंडर लेने पहुंचे। जब उन्होंने बुकिंग की, तो उनके मोबाइल पर एक संदेश आया जिसमें लिखा था कि उनकी पर्ची 2 मार्च को ही जारी हो चुकी है।
इस जानकारी से हैरान शिव शंकर ने एजेंसी संचालक से शिकायत की और बताया कि उन्होंने 2 मार्च को न तो बुकिंग कराई थी और न ही कोई सिलिंडर प्राप्त किया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर कैसे जारी कर दिया गया और आखिर वह सिलिंडर किसे दिया गया। इस पर एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जब शिव शंकर ने यह पूरी स्थिति अपनी पत्नी रचना अग्रवाल को बताई, तो घर में तनाव बढ़ गया। रचना ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह गैस सिलिंडर की व्यवस्था की जाए, क्योंकि घर में खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही थी। मजबूरी में दो-तीन दिन तक चूल्हे पर खाना बनाना पड़ा, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
आखिरकार स्थिति इतनी बिगड़ गई कि रचना अग्रवाल अपने मायके सौरिख चली गईं। इस घटना से परिवार में दरार आ गई और घरेलू जीवन प्रभावित हो गया। शिव शंकर अग्रवाल ने गैस एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर जारी होना एजेंसी की आंतरिक गड़बड़ी या किसी अन्य व्यक्ति को गलत तरीके से सिलिंडर देने का मामला हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं होता और इस तरह की अनियमितताएं होती रहीं, तो आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


