झांसी। महानगर में जल निगम द्वारा दी जा रही नई पेयजल पाइपलाइन लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। शहर के कई इलाकों में कनेक्शन तो दे दिए गए हैं, लेकिन उनमें टोंटी (नल) नहीं लगाई गई है, जिससे सप्लाई शुरू होते ही पानी सड़कों पर बहने लगता है।
सिद्धेश्वर नगर, आईटीआई, ब्रह्मनगर, अयोध्यापुरी कॉलोनी और आवास विकास कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 4 से 7 बजे और शाम के समय जब पानी की सप्लाई होती है, तो घरों के बाहर से पानी सड़कों पर बहकर जमा हो जाता है, जिससे जलभराव और गंदगी की स्थिति पैदा हो रही है।
शहर में पिछले एक साल से घर-घर जल कनेक्शन देने का काम चल रहा है। बिजौली, हंसारी, राजगढ़, बंगलाघाट, हजरयाना, बेदरा, बड़ागांव गेट बाहर, सीपरी बाजार, लहरगिर्द, दरीगरान और ओल्ड बस स्टैंड सहित कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। हालांकि अधूरे कनेक्शन के कारण पानी की बर्बादी लगातार हो रही है।
स्थानीय निवासी डॉ. अरुण झा का कहना है कि टोंटी न होने की वजह से रोजाना घंटों पानी व्यर्थ बहता रहता है। इसी तरह अन्य मोहल्लों के लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में जल संस्थान के महाप्रबंधक सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि जहां-जहां इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं, वहां जल निगम के साथ समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और समय पर निस्तारण हो सके।
वहीं अमृत 2.0 योजना के तहत शहर में पाइपलाइन विस्तार का काम भी अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग से एनओसी न मिलने के कारण सड़कों की खुदाई नहीं हो पा रही है, जिससे कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।


