नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में नई आबकारी नीति अभी तैयार नहीं होने के कारण सरकार ने मौजूदा शराब नीति (liquor policy) को एक साल के लिए विस्तार देने का फैसला किया है। पहले यह नीति 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने यह कदम शराब विक्रेताओं और लाइसेंसधारकों को स्थिरता प्रदान करने के लिए उठाया है। इसके साथ ही, नई नीति तैयार करने के लिए अभिप्रेरणा और नियमावली पर काम जारी है, लेकिन फिलहाल कोई नई घोषणा नहीं की गई है।
आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार खुदरा शराब लाइसेंसों का नवीनीकरण और नए लाइसेंस मौजूदा नीति की शर्तों के तहत जारी रहेंगे। रिटेल लाइसेंस L-6, L-6FG, L-6FE, L-S, L-10, L-14, L-23, L-23F और L-30 की श्रेणी 2025-26 की नीति के अनुसार 2026-27 में भी लागू रहेंगे।यह वही नीति है, जो 2022-23 से लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे बाजार में संचालन में कोई व्यवधान नहीं होगा।
दिल्ली आबकारी विभाग ने यह भी बताया कि IMFL, विदेशी शराब, बीयर और देशी शराब की बिक्री से जुड़े विभिन्न लाइसेंसों के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, पहले ही होटलों, क्लबों और रेस्तरां के लाइसेंस को मार्च 2027 तक बढ़ाया जा चुका है, जिससे शराब के संचालन में निरंतरता बनी रहेगी।
फिलहाल राजधानी दिल्ली में करीब 725 शराब की दुकानें चार सरकारी एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। नई आबकारी नीति अभी तक लागू नहीं हो पाई है, हालांकि इसके लिए गठित मंत्रियों के समूह ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, सरकार मसौदे पर अंतिम निर्णय नहीं ले पाई है। गौरतलब है कि जुलाई 2022 में निजी कंपनियों को शराब बिक्री की अनुमति देने वाली नीति को अनियमितताओं के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से सरकार ड्यूटी-आधारित पुरानी व्यवस्था को ही हर साल बढ़ाती रही है।


