लखनऊ| प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन मदों में भुगतान लंबित है, उन्हें तत्काल नियमानुसार पूरा किया जाए। किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में वित्तीय अनुशासन बेहद जरूरी है, इसलिए वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जो बजट उपलब्ध है, उसका समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में बजट की धनराशि लैप्स नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही आम जनता को लाभ मिल सकेगा और सरकार की मंशा पूरी होगी।
इस बैठक के बाद यह संकेत स्पष्ट हैं कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित कर उन्हें रोजगार के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट से जोड़ने पर जोर, बजट समय से खर्च करने के सख्त निर्देश


