लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। मॉल एवेन्यू स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की तरह समाजवादी पार्टी भी बहुजन समाज की हितैषी नहीं है। इन दलों से बहुजन समाज के हित और कल्याण की उम्मीद करना रेगिस्तान में पानी तलाशने जैसा है।
मायावती ने बहुजन समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे बसपा आंदोलन से जुड़कर मिशनरी अंबेडकरवादी बनें और अपने वोट की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करें। उन्होंने कहा कि बसपा ही डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों और विचारों पर चलने वाली असली पार्टी है, जबकि अन्य दलों की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सांसद और विधायक बनने का प्रलोभन देकर बहुजन समाज के वोट की ताकत को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। ऐसे दलों और निजी स्वार्थ के लिए पार्टी व आंदोलन से दगा करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
मायावती ने कहा कि दलितों, पिछड़ों और मुस्लिम समाज के हितों की बात करने वाली पार्टियों में खासकर समाजवादी पार्टी का पीडीए प्रेम केवल दिखावा है। इन दलों को इन वर्गों और उनके महापुरुषों की याद केवल चुनाव के समय आती है, जबकि सरकार बनने के बाद यही दल इन वर्गों की उपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई आरोप नहीं बल्कि इन पार्टियों का इतिहास रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज भी इन पार्टियों से दूर होता जा रहा है और ब्राह्मण समाज का झुकाव भी बसपा की ओर बढ़ रहा है, जिससे सपा की राजनीति कमजोर हो रही है।
मायावती ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि कांशीराम को भारत रत्न देने में अब और देरी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना में कांशीराम का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने बहुजन समाज को बसपा के बैनर तले संगठित कर राजनीतिक ताकत दी और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बहुजन समाज की सरकार बनाकर उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया।
मायावती के निर्देश पर राजधानी लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर प्रदेश के 12 मंडलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का बड़ा जमावड़ा हुआ। इसके अलावा नोएडा में छह मंडलों के कार्यकर्ताओं ने भी जयंती कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत कई पदाधिकारियों ने कांशीराम के विचारों और योगदान पर प्रकाश डाला।
इसके साथ ही देश के आठ अन्य राज्यों में भी बसपा की ओर से कांशीराम जयंती पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी के केंद्रीय संयोजक आकाश आनंद ने राजस्थान के भरतपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित कर बहुजन समाज को एकजुट होकर बसपा आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कांशीराम जयंती पर मायावती का विपक्ष पर हमला, बोलीं—सपा, भाजपा और कांग्रेस से बहुजन हित की उम्मीद बेकार


