– डीएम और एसपी की मौजूदगी में हुई बैठक
– उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के आदेश
फर्रुखाबाद। जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में 13 मार्च 2026 को गैस वितरकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द्र यादव, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अनिल कुमार यादव, एलपीजी कंपनी के प्रतिनिधि तथा सभी पूर्ति निरीक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में गैस वितरकों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। निर्देश दिया गया कि सभी गैस एजेंसी संचालक प्रतिदिन अपने शोरूम पर स्वयं उपस्थित रहेंगे और उपभोक्ताओं की समस्याओं का नियमानुसार समाधान करेंगे। जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग पहले हो चुकी है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा तथा किसी भी स्थिति में बाद में बुकिंग कराने वाले को पहले सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना केवाईसी और बिना बुकिंग के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। केवाईसी की प्रक्रिया उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से भी कर सकते हैं, इसके लिए एजेंसी पर आने की अनिवार्यता नहीं होगी।
निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के बाद ही रिफिल की डिलीवरी की जाएगी तथा बिना बुकिंग के किसी को भी सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ब्लैकलॉग को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस विभाग द्वारा सभी गैस वितरकों को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही गई है। यदि किसी वितरक के गोदाम या शोरूम पर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो वह नजदीकी पुलिस चौकी, थाना या डायल 112 पर सूचना दे सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
खनन मामले में डीएम की बड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान खनन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तहसील अमृतपुर के ग्राम आसमपुर में संचालित खनन पट्टे पर अवैध खनन और परिवहन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
नियम 58 और पट्टा की शर्तों के उल्लंघन पर नियम 60 के अंतर्गत उक्त खनन पट्टा निरस्त कर दिया गया है। साथ ही पट्टेदार को आगामी दो वर्षों के लिए काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया गया है। इसके अतिरिक्त अर्थदंड, बकाया किश्त, डीएमएफ और टीसीएस की धनराशि सहित 1 करोड़ 63 लाख 35 हजार 888 रुपये की वसूली के लिए वसूली प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और कालाबाजारी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


