कासगंज। जनपद के नदरई स्थित प्राचीन भीमसेन मंदिर पर होली के बाद परंपरागत रूप से लगने वाला मेला मंगलवार को श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे और भगवान भीमसेन के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मेले में लगा अष्टधातु का करीब 84 मन वजनी विशाल घंटा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
परंपरा के अनुसार होली के बाद माता शीतला के पूजन के उपरांत आने वाले मंगलवार को नदरई के भीमसेन मंदिर परिसर में इस मेले का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी मेले का आयोजन धूमधाम से किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था और पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ लगी रही।
श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान भीमसेन के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा बच्चों के स्वस्थ जीवन की कामना की। मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने परिसर में लगे अष्टधातु के विशाल 84 मन के घंटे के दर्शन किए। इस ऐतिहासिक और विशाल घंटे को देखने के लिए लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
मेले में आसपास के गांवों और कस्बों से आए लोगों ने भी भाग लिया। मंदिर परिसर के आसपास लगी दुकानों और झूलों का भी लोगों ने आनंद लिया, जिससे मेले का माहौल और भी रौनकदार हो गया। बच्चों और युवाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार नदरई का भीमसेन मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां लगने वाला यह पारंपरिक मेला वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। हर वर्ष होली के बाद आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धालुओं को एकत्र कर धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।


