एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव के सख्त पर्यवेक्षण से 70 प्रतिशत शिकायतों में कमी
इटावा। जनशिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के मामले में इटावा जनपद ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि इटावा लगातार तीसरी बार इस उपलब्धि के साथ प्रदेश में अव्वल रहा है। पुलिस विभाग की इस सफलता के पीछे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव का सख्त पर्यवेक्षण, नियमित समीक्षा और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करना प्रमुख कारण माना जा रहा है। इन प्रयासों के चलते जिले में जनशिकायतों की संख्या में करीब 70 प्रतिशत तक कमी आई है।
बताया जाता है कि एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने लगभग एक वर्ष पूर्व जनपद का कार्यभार संभालने के बाद सबसे अधिक जोर जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर दिया। वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे अपने कार्यालय पहुंचकर सीधे आमजन की शिकायतें सुनते हैं। जनसुनवाई के दौरान वे किसी अन्य कार्य में व्यस्त नहीं रहते और प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनकर उसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हैं।
जनसुनवाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह भी सुनिश्चित किया गया है कि यदि किसी कारणवश एसएसपी को किसी कार्यक्रम या बैठक में जाना पड़ता है तो उनके स्थान पर एक अन्य अधिकारी को जनसुनवाई के लिए तैनात किया जाता है, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को निराश होकर वापस न लौटना पड़े। यह व्यवस्था सोमवार से शनिवार तक नियमित रूप से संचालित की जा रही है।
जनशिकायतों के निस्तारण के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया भी लागू की गई है। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पर्ची बनाई जाती है, जो दो माह तक वैध रहती है। इस पर्ची के आधार पर संबंधित समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। कई मामलों में जहां पहले केवल एनसीआर दर्ज की गई थी, उन्हें सुनवाई के बाद मुकदमे में परिवर्तित कर आवश्यक कार्रवाई भी कराई गई।
गंभीर मामलों में एसएसपी स्वयं थाना प्रभारियों से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराते हैं। साथ ही आइजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को भी बदला गया है, जिससे व्यवस्था में और सुधार आया है।
इटावा पुलिस के इस मॉडल को प्रदेश स्तर पर सराहना मिली है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी इटावा के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए प्रदेश के अन्य जिलों को भी इसी तरह जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह उपलब्धि जनपद की पुलिस व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


