पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब ग्यारहवें दिन में पहुंच चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है।
इसी बीच ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में हुए भीषण विस्फोट को लेकर नई जानकारी सामने आई है। जांच करने वाले विशेषज्ञों का दावा है कि यह हमला संभवतः अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से किया गया था। इस हमले में एक स्कूल के पास जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 165 से अधिक बच्चियों की मौत हो गई थी।
यह दर्दनाक घटना 28 फरवरी को ईरान के दक्षिणी होर्मोज्गान प्रांत के मिनाब शहर में हुई थी। बताया गया कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, उसके पास ही एक स्कूल स्थित था, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में भारी तबाही मच गई।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार जिस स्कूल के पास यह धमाका हुआ, वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी के एक सैन्य अड्डे के बिल्कुल नजदीक स्थित है। माना जा रहा है कि हमला संभवतः सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन इसकी चपेट में स्कूल आ गया।
इस घटना के बाद दुनियाभर में इसकी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई देशों और संगठनों ने नागरिक इलाकों में हुए हमले पर चिंता जताई और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। बड़ी संख्या में बच्चों की मौत ने इस घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है।
जांच से जुड़ी संस्था बेलिंगकैट ने इस हमले से संबंधित एक नया वीडियो विश्लेषित किया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उसी दिन रिकॉर्ड किया गया था, जिस दिन हमला हुआ था। बाद में इसे ईरान की समाचार एजेंसी मेहर न्यूज एजेंसी ने जारी किया।
वीडियो में एक मिसाइल को इमारत से टकराते हुए देखा जा सकता है। टक्कर के बाद जोरदार धमाका होता है और आसमान में काला धुआं उठता नजर आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइल की गति और प्रभाव को देखकर इसे टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से जोड़ा जा रहा है।
हालांकि इस हमले को लेकर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं कुछ विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध के हालात में ऐसी घटनाओं की सटीक जानकारी सामने आने में समय लग सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किसी भी सैन्य कार्रवाई में नागरिकों और खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्कूल जैसे नागरिक ठिकाने पर हमला हुआ है तो इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला कैसे हुआ और इसकी जिम्मेदारी किस पर है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते इस संघर्ष ने पहले ही हजारों लोगों की जान ले ली है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में मिनाब की यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि युद्ध का सबसे बड़ा खामियाजा अक्सर निर्दोष नागरिकों, खासकर बच्चों को ही भुगतना पड़ता है।


