– गलत जीवनशैली, तनाव और नशे की आदतों से तेजी से घट रही पुरुषों की प्रजनन क्षमता
आज की बदलती जीवनशैली का असर केवल सामान्य स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी साफ दिखाई दे रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठनों और विभिन्न मेडिकल रिसर्च के अनुसार पिछले कुछ दशकों में पुरुषों में शुक्राणुओं (Sperm Count) की संख्या में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली, तनाव, खराब खानपान और पर्यावरण प्रदूषण है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
चिकित्सा भाषा में जब पुरुष के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या सामान्य से कम हो जाती है तो इसे ओलिगोस्पर्मिया (ओलीगोस्पेर्मिया ) कहा जाता है।
सामान्यतः एक मिलीलीटर वीर्य में 15 मिलियन या उससे अधिक शुक्राणु होना सामान्य माना जाता है। यदि यह संख्या इससे कम हो जाती है तो गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है।
पुरुषों में शुक्राणु कम होने के मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि और देर रात तक जागना शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित करता है।
सिगरेट और शराब का अधिक सेवन शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या दोनों को कम कर देता है। कई शोध बताते हैं कि धूम्रपान करने वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
मानसिक तनाव और चिंता भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। तनाव हार्मोन असंतुलन पैदा करता है जिससे शुक्राणु निर्माण कम हो सकता है।
4. मोटापा
मोटापा शरीर में हार्मोन के स्तर को बदल देता है और इससे शुक्राणु उत्पादन प्रभावित होता है।
अंडकोष का तापमान शरीर से थोड़ा कम होना चाहिए। लंबे समय तक बहुत गर्म वातावरण, लैपटॉप गोद में रखना या टाइट कपड़े पहनना भी शुक्राणु उत्पादन पर असर डाल सकता है।
कीटनाशक, प्लास्टिक और पर्यावरण में मौजूद रसायन भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
शुक्राणु बढ़ाने के लिए
फल, हरी सब्जियां, मेवे, दूध, अंडे और प्रोटीन से भरपूर भोजन शुक्राणु निर्माण के लिए जरूरी होता है।
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तैराकी करने से शरीर स्वस्थ रहता है और हार्मोन संतुलन बेहतर होता है।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना प्रजनन स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद शरीर के हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है।
योग, ध्यान और सकारात्मक सोच मानसिक तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी
यदि किसी पुरुष में लंबे समय तक निम्न समस्याएं दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है—
संतान न होना,यौन कमजोरी
अंडकोष में दर्द या सूजन
हार्मोन असंतुलन के लक्षण
समय पर जांच और इलाज से इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी आज के समय में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, लेकिन अच्छी जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवा पीढ़ी समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार कर ले तो भविष्य में प्रजनन संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।
पुरुषों में शुक्राणु कम होने के कारण और बचाव


