नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार देर रात देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े पैमाने पर राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्तियों को मंजूरी दी। राष्ट्रपति भवन से जारी अधिसूचना के अनुसार दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, लद्दाख और तमिलनाडु में नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है या अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इन नियुक्तियों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई राज्यों में आगामी महीनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी तैयारियां चल रही हैं।
राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार दिल्ली में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं बिहार के राज्यपाल के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को जिम्मेदारी दी गई है, जो भारतीय सेना में अपने योगदान और नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।
पश्चिम बंगाल में तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन. रवि को राज्यपाल बनाया गया है। यह नियुक्ति राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर इस फैसले की जानकारी दी, लेकिन परंपरा के अनुसार उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को नियुक्त किया गया है, जबकि तेलंगाना में अब हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को राज्यपाल बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश में लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा नागालैंड में नंद किशोर यादव को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। लद्दाख में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को नया उपराज्यपाल बनाया गया है। तमिलनाडु में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार ने इन नियुक्तियों के जरिए कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील राज्यों में प्रशासनिक संतुलन और समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया है। सभी नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं और संबंधित पदाधिकारी जल्द ही अपने-अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।


