ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पाकिस्तान ने मध्य-पूर्व के लिए लगभग 184 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। यह निर्णय शनिवार से लागू हुआ और इसका कारण ईरान की तरफ से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में वृद्धि बताई जा रही है। पाकिस्तान के सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) के प्रवक्ता हफीज खान ने पुष्टि की कि इस फैसले में दुबई, अबू धाबी, दोहा, मस्कट, शारजाह, रियाद और जेद्दा के लिए उड़ानें शामिल हैं। ये उड़ानें इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, क्वेटा, सियालकोट, पेशावर और फैसलाबाद से निर्धारित थीं।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। दुबई और अबू धाबी के प्रमुख हवाई अड्डे बंद हो गए हैं, जो यूरोप, अमेरिका, कनाडा और दक्षिण अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिंग हब हैं। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण मध्य-पूर्व में हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिसमें ईरान, इराक, कुवैत, बहरीन और अन्य शामिल हैं। इससे हजारों यात्री फंस गए हैं और वैश्विक उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा है।
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) सहित अन्य एयरलाइंस ने खाड़ी देशों के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं या वैकल्पिक रूट तय किए हैं। सीएए ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी एयरस्पेस घरेलू उड़ानों के लिए खुला हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लागू हैं। इस स्थिति ने यात्रियों को काम, परिवार या अन्य कारणों से यात्रा में मुश्किल में डाल दिया है। एयरलाइंस ने वैकल्पिक व्यवस्था और रिफंड के विकल्प दिए हैं, लेकिन आगे की यात्रा योजना बनाना कठिन हो गया है।
इस फैसले से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात दोनों प्रभावित हुए हैं। इस्लामाबाद और लाहौर से क्रमशः 40 और 46 उड़ानें रद्द हुई हैं, जिनमें ज्यादातर मध्य-पूर्वी गंतव्य शामिल हैं। यात्रियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बनी है। एयरलाइंस ने यात्रियों को स्थिति के बारे में सूचित किया और भविष्य की उड़ानों के लिए अपडेट जारी करने का आश्वासन दिया है।
मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमलों की लहर शुरू हुई। गल्फ देशों के एयरस्पेस और प्रमुख शहरों में सुरक्षा खतरे के कारण हवाई यातायात बाधित हुआ। वैश्विक एयरलाइंस जैसे एमिरेट्स, कतर एयरवेज और अन्य ने भी सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें रद्द की हैं।
स्थिति के चलते पाकिस्तान ने अपने नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। CAA ने कहा कि यह निर्णय सिर्फ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू है और घरेलू उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि मध्य-पूर्व में स्थिरता लौटने तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह प्रतिबंध जारी रह सकता है।
इस निर्णय का व्यापक असर न केवल यात्रियों पर हुआ है, बल्कि व्यापार और माल ढुलाई पर भी पड़ा है। मध्य-पूर्वी देशों से आने-जाने वाली मालवाहक उड़ानों में देरी और बाधा उत्पन्न हुई है, जिससे व्यापारिक लेन-देन प्रभावित हो रहा है। एयरलाइंस और सरकार इस समस्या का समाधान खोजने के लिए सक्रिय हैं।
यात्रियों में चिंता बढ़ी है। कई लोग महत्वपूर्ण काम, परिवार और शिक्षा से जुड़े कारणों से खाड़ी देशों की ओर यात्रा कर रहे थे। एयरलाइंस ने उन्हें वैकल्पिक रूट, रिफंड और होटल की व्यवस्था का विकल्प दिया है। वहीं, कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले के प्रभाव और असुविधा के बारे में जानकारी साझा की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व की वर्तमान अस्थिरता वैश्विक हवाई यातायात पर लंबे समय तक असर डाल सकती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और गैस टैंकरों के संचालन पर भी संकट उत्पन्न हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।
इस बीच पाकिस्तान सरकार ने यात्रियों से संयम बनाए रखने और स्थिति पर लगातार अपडेट लेने की सलाह दी है। CAA और एयरलाइंस ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति सुधरेगी, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से सामान्य किया जाएगा। फिलहाल यात्रियों और एयरलाइंस को सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विकल्पों और रूट में बदलाव करना पड़ रहा है।


