अमृतपुर/फर्रुखाबाद: राजेपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर घाट पर रामगंगा नदी में मिले अज्ञात युवक के शव की चार दिन बाद पहचान होने से मामला और भी पेचीदा हो गया है। मृतक की शिनाख्त हरदोई जनपद के मझिला थाना क्षेत्र के आंझी निवासी 20 वर्षीय अभय प्रताप सिंह के रूप में हुई है। पहचान के बाद सामने आई फिरौती कॉल की जानकारी ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है।
शनिवार को ग्रामीणों ने नदी में एक शव तैरता देखा था। सूचना पर राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।
रविवार सुबह मृतक के पिता अशोक सिंह थाने पहुंचे और कपड़ों व साथ मिले सामान के आधार पर शव की पहचान अपने पुत्र अभय के रूप में की। परिजनों ने बताया कि अभय 24 फरवरी को सीतापुर स्थित ननिहाल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। उसी दिन एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इसके बाद 25 फरवरी को मझिला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
फिरौती कॉल की पुष्टि के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहरण और अन्य संभावित आपराधिक पहलुओं पर जांच तेज कर दी है। संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
यदि रिपोर्ट में संदिग्ध परिस्थितियां सामने आती हैं तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।घटना से परिजनों में कोहराम मचा है, वहीं क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का दावा है कि मामले का जल्द खुलासा कर सच्चाई सामने लाई


