यूथ इंडिया
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में युवाओं के सामने एक ऐसी समस्या तेजी से उभर रही है जिस पर खुलकर चर्चा कम होती है—कम होता टेस्टोस्टेरोन स्तर। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का प्रमुख हार्मोन है, जो ऊर्जा, मांसपेशियों की मजबूती, आत्मविश्वास, मानसिक फोकस और यौन स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा होता है। विशेषज्ञों के अनुसार 20–30 वर्ष की आयु के बाद हर वर्ष औसतन 1% तक इसका स्तर घट सकता है, लेकिन आज की अस्वस्थ जीवनशैली के कारण यह गिरावट पहले और तेज देखने को मिल रही है।
स्वास्थ्य अध्ययनों में पाया गया है कि नींद की कमी, मोटापा, तनाव, शराब और धूम्रपान जैसे कारक हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ते हैं। 5–6 घंटे से कम नींद लेने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्तर 10–30% तक कम पाया गया है। इसी तरह पेट की बढ़ती चर्बी शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ाती है, जिससे टेस्टोस्टेरोन और गिरता है।
कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षणों में लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, आत्मविश्वास में कमी, चिड़चिड़ापन, अवसाद की प्रवृत्ति और यौन इच्छा में कमी शामिल हो सकते हैं। कई युवा बिना जांच कराए इंटरनेट या जिम सलाह पर स्टेरॉइड या हार्मोन इंजेक्शन लेना शुरू कर देते हैं, जो लीवर, हृदय और प्रजनन क्षमता पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक तरीके सबसे सुरक्षित और प्रभावी हैं। सप्ताह में 3–4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (स्क्वैट, डेडलिफ्ट, पुशअप, बेंच प्रेस जैसे कंपाउंड व्यायाम) करने से हार्मोनल प्रतिक्रिया बेहतर होती है। हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) भी लाभकारी मानी जाती है।
डाइट में प्रोटीन, हेल्दी फैट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का संतुलन आवश्यक है। अंडे, दालें, पनीर, बादाम, कद्दू के बीज, पालक और धूप से मिलने वाला विटामिन D हार्मोन संतुलन में मददगार हैं। जिंक और मैग्नीशियम की कमी भी टेस्टोस्टेरोन घटा सकती है।
तनाव प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। लगातार तनाव शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो टेस्टोस्टेरोन को दबा देता है। योग, प्राणायाम और ध्यान जैसे उपाय मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि लंबे समय तक कमजोरी, अवसाद, या यौन समस्याएं बनी रहें तो ब्लड टेस्ट के जरिए जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के हार्मोन थेरेपी शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है।
युवाओं के लिए संदेश स्पष्ट है—फिटनेस, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण ही असली समाधान हैं। त्वरित परिणाम के लिए शॉर्टकट अपनाने के बजाय अनुशासित जीवनशैली अपनाना ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की कुंजी है।


