बरेली में दूसरे संप्रदाय की पांच वर्षीय बच्ची से दरिंदगी के मामले में विशेष अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष जज पॉक्सो एक्ट द्वितीय नरेंद्र प्रकाश की अदालत ने आरोपी जमील उर्फ बड़े को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को राज्य सरकार की योजना के तहत मुआवजा दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
विशेष लोक अभियोजक सुभव मिश्रा और कुलदीप श्रोतिय के अनुसार, थाना बिथरीचैनपुर में पीड़ित बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि कांशीराम आवासीय कॉलोनी निवासी जमील उर्फ बड़े 22 जनवरी 2025 को बच्ची को बहाने से अपने कमरे में ले गया। वहां उसने कमरे का दरवाजा बंद कर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई विशेष कोर्ट में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए।
अदालत ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए कठोर दंड सुनाया। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।


