मैनपुरी। दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामला एलाऊ थाना क्षेत्र का है।
एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव अजीतगंज निवासी गायत्री देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनका विवाह 23 फरवरी 2025 को रोहित उर्फ रकी निवासी गांव ताहरपुर, थाना टप्पल जनपद अलीगढ़ के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के समय सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया गया, लेकिन आरोप है कि शादी के महज 15 दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।
पीड़िता के अनुसार मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन ताने दिए जाते थे और मारपीट की जाती थी। आरोप है कि पति, सास-ससुर समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उसे परेशान किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। अंततः मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार समझौते का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा। न्याय न मिलने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति रोहित उर्फ रकी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साक्ष्य और बयान के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पीड़िता अपने मायके में रह रही है और न्याय की मांग कर रही है। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जिसके खिलाफ कानून होने के बावजूद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
दहेज में पांच लाख की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को घर से निकाला, कोर्ट के आदेश पर सात पर एफआईआर


