फर्रुखाबाद ।बैंकों द्वारा विभिन्न बीमा उत्पादों की मिस सेलिंग पर कठोर दिशा निर्देश जारी होने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को जबरदस्ती और गलत तरीके से अपने बीमा उत्पाद बेचने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करने का स्वागत करते हुए भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त कर्मचारी मुकेश गुप्ता ने कहा कि इस कदम की बहुत पहले से ही आवश्यकता थी।
उन्होंने कहा कि इधर काफी बरसों से बैंक अपने ग्राहक को किसी भी तरीके का लोन देने से पहले ग्राहक को अपना बीमा उत्पाद लेने के लिए कभी-कभी मजबूर कर देते थे ,ऐसे में पहले से ही ग्राहकों को अपने लोन को चुकाने के लिए समय-समय पर धन की व्यवस्था करने के साथ-साथ बीमा की किस्त को भी जमा करने के लिए धन की आवश्यकता पड़ती थी जिसकी वजह से कभी-कभी वह ग्राहक अपना व्यवसाय चलाने में कुछ आर्थिक दिक्कत महसूस करता था और इस प्रकार यह लोन खाता ठीक समय पर रीपेमेंट न होने के कारण आगे चलकर एनपीए खाता में परिवर्तित होने की संभावना ज्यादा रहती थी या बीमा की दूसरी किस्त न जमा करने के कारण ग्राहक को पहले जमा किए हुए अपने पैसे को बीमा कंपनी से वापस लेने में काफी आर्थिक हानि और परेशानी उठानी पड़ती थी।
श्री गुप्ता ने आगे बैंकों के उच्च अधिकारियों से से करते हुए अपनी उम्मीद जताई कि शाखा स्तर पर कार्य करने वाले बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ाई से इस निर्देश का पालन करने के लिए निर्देशित करें ताकि बैंक से लोन लेने वाले जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।


