फर्रुखाबाद।जिले की सातनपुर मंडी में मंगलवार को आलू के भाव पचास रुपये की गिरावट के साथ किसानों के लिए निराशाजनक रहे, । बाजार में अलग-अलग किस्मों के आलू कम दामों पर बिके, जिससे किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ा।
मंडी सूत्रों के अनुसार, गत दिवस की तुलना में सोमवार को आवक दो सौ मोटर रही।लेकिन किसानों को अपेक्षित आमदनी नहीं हो सकी। लेकिन खरीदार सीमित रहे, जिससे भाव दबाव में बने रहे।
किसानों का कहना है कि मौजूदा दाम उनकी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और डीजल जैसे खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं, ऐसे में आलू की खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। कई किसानों ने बताया कि खेत से आलू निकालने में भी खर्च आ रहा है, लेकिन मजबूरी में खुदाई करनी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि रबी सीजन के बाद अब किसान अगली फसल की तैयारी में जुट गए हैं। मक्का और मूंगफली जैसी फसलों की बुवाई के लिए खेत खाली करना जरूरी है, इसी कारण कम दाम के बावजूद किसान आलू की खुदाई कर मंडी ला रहे हैं।
किसानों ने यह भी बताया कि भंडारण की सुविधा और कोल्ड स्टोरेज का खर्च भी उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। छोटे और मझोले किसान आलू को लंबे समय तक रोककर रखने की स्थिति में नहीं हैं, जिस कारण वे तुरंत बिक्री को मजबूर हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आवक अधिक होने और मांग कमजोर रहने से फिलहाल आलू के भाव में सुधार की उम्मीद कम है। मंगलवार को सातनपुर मंडी में आलू भाव में कमी आई आमदनी लगभग दो सौ मोटर रही ।
मंगलवार को सातनपुर मंडी में आलू 301 से 401 गड्ड , 411 से 511 सामान्य छट्ठा , 511 से 581 सुपर छट्ठा व हालैंड 701 से 821 रुपए प्रति कुंतल में बिका।मंगलवार को सातनपुर मंडी में आलू 301 से 401 गड्ड , 411 से 511 सामान्य छट्ठा , 511 से 581 सुपर छट्ठा व हालैंड 701 से 821 रुपए प्रति कुंतल में बिका।






