कानपुर
पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने फर्जी जीएसटी बिलिंग करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कमल गौरव साहू और एतिशाम हुसैन को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी और अस्तित्वहीन फर्मों के जरिये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे। प्रारंभिक जांच में करीब 2.66 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कानपुर नगर व उच्चाधिकारियों के निर्देशन में की गई। राज्य कर विभाग से मिली सूचना के आधार पर थाना कल्याणपुर क्षेत्र में अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से फर्जी जीएसटी पंजीकरण का मामला प्रकाश में आया। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जीएसटी पंजीकरण कराया गया था और घोषित पते पर कोई वास्तविक कारोबार नहीं चल रहा था।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि फर्म के पते पर न तो कोई व्यावसायिक गतिविधि थी और न ही संबंधित व्यक्ति वहां रहता था। पंजीकृत मोबाइल नंबर भी बंद मिला। विवेचना में स्पष्ट हुआ कि अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी एक बोगस फर्म थी, जिसके माध्यम से अन्य फर्जी फर्मों को आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर नकली टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2019-20 के दौरान आरोपियों ने फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली बिल और किरायानामे के जरिए उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कई फर्जी जीएसटी फर्में पंजीकृत कराईं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, जीएसटी दस्तावेज, ई-वे बिल और फर्जी इनवॉइस बरामद किए हैं। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की आगे जांच जारी है।


