नई दिल्ली। भारत और ओमान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह केवल 70 साल का जश्न नहीं है, बल्कि एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहां दोनों देशों को अपनी सदियों पुरानी साझा विरासत को एक खुशहाल और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाना है। प्रधानमंत्री ने यह बातें ओमान दौरे के दूसरे दिन भारत–ओमान बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते भरोसे की मजबूत नींव पर बने हैं और दोस्ती की ताकत से आगे बढ़े हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारे रिश्ते भरोसे की नींव पर बने हैं,” और यही विश्वास दोनों देशों के सहयोग को लगातार नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ यह साझेदारी केवल कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संबंधों के जरिए और मजबूत हुई है।

मस्कट में आयोजित कम्युनिटी प्रोग्राम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां मिला उत्साह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय डायस्पोरा भारत और ओमान को करीब लाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि उनका योगदान द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत–ओमान बिजनेस फोरम दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा डालेगा और विकास के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ओमान की रणनीतिक स्थिति मिलकर निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग को और विस्तार दे सकती है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत–ओमान की दोस्ती और मजबूत होगी और यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता व समृद्धि में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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