फर्रुखाबाद। सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। संगठन ने जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। यह ज्ञापन फतेहगढ़ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर दिया गया, जहां संगठन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा।
सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष प्रभाकर मिश्रा ने अपने पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी अशुतोष कुमार द्विवेदी को यह ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था समाज में विभाजन को बढ़ावा दे रही है, जबकि जरूरतमंदों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना था कि आरक्षण का उद्देश्य कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना है, इसलिए इसका आधार जाति नहीं बल्कि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति होनी चाहिए।
जिलाध्यक्ष प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि देश में ऐसे अनेक लोग हैं जो किसी भी जाति से हों, लेकिन आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहायता की आवश्यकता है। यदि आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू किया जाता है, तो इसका लाभ वास्तव में गरीब और जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जातिगत आरक्षण के चलते योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को कई बार अवसरों से वंचित होना पड़ता है।
सवर्ण आर्मी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन भविष्य में देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
इस मौके पर सवर्ण आर्मी के जिला उपाध्यक्ष अमित प्रताप सिंह सहित संगठन के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग का समर्थन किया और सरकार से इस विषय पर व्यापक स्तर पर विचार करने की अपील की।





