लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कुल 21 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई, जबकि निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन नीति से जुड़े 14वें प्रस्ताव को पुनर्परीक्षण के लिए वापस भेज दिया गया। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों को विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सरकार का मुख्य फोकस औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे में सुधार, पर्यटन को बढ़ावा और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करना रहा।
मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उद्योगों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के तहत बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में उद्योग करने वालों को एसजीएसटी और स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी। इस श्रेणी में मेरठ की मेसर्स पसवारा पेपर्स लिमिटेड को आज 65.67 हजार रुपये का लाभ स्वीकृत किया गया है, जबकि 1.5 करोड़ रुपये का लाभ पहले ही दिया जा चुका है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट से जुड़े एक अन्य प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली, जिससे शाहजहांपुर और मथुरा की एक-एक कंपनी को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में प्रदेश में योग पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया। बागपत जिले में अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र स्थापित करने के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन का दायरा विस्तृत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब वहां मंदिर संग्रहालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह संग्रहालय तीर्थयात्रियों को मंदिर के इतिहास, उसकी संस्कृति और विरासत की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली 2022 में भी संशोधन मंजूर किया गया है। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशिक्षण अवधि, प्रतियोगिता अवधि और यात्रा समय को ड्यूटी माना जाएगा।
कैबिनेट ने चंदौली जिले के विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना को भी मंजूरी दे दी। 4.91 अरब रुपये की लागत से 29.67 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में परिवर्तित किया जाएगा। यह मार्ग सकलडीहा, चहनियां और सैदपुर होते हुए जनपद को गाजीपुर से जोड़ता है और लंबे समय से फोरलेन की मांग की जा रही थी। नई स्वीकृति के बाद अब इसका निर्माण कार्य तेज़ी से शुरू होने की उम्मीद है।
बैठक में प्रदेश के जेल प्रशासन से जुड़ा बड़ा फैसला भी लिया गया। उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल 2022 में संशोधन किया जाएगा, जिसके तहत किसी भी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य जेलों में मानवीय मूल्यों की रक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 और 2014 के अंतर्गत स्वीकृत लेकिन निष्क्रिय पड़ी परियोजनाओं को निरस्त करने और क्रियाशील परियोजनाओं को पूरा कराने की नई नीति को भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे लंबे समय से अटकी आवासीय परियोजनाओं को गति मिलेगी और प्रदेश में आर्थिक विकास को नया बल मिलेगा।






