पटना| बिहार की 18वीं विधानसभा को नया अध्यक्ष मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गया टाउन से नौवीं बार विधायक चुने गए डॉ. प्रेम कुमार को मंगलवार को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुन लिया गया। विशेष सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर के समक्ष शपथ लेने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए एनडीए प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। बुधवार को सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एनडीए नेतृत्व और पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उसके लिए आभारी हैं। लगातार नौ बार विधायक चुनकर आने पर उन्होंने जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि “जो विधायक शपथ ले चुके हैं और जो आगे शपथ लेंगे, सभी को मैं शुभकामनाएं देता हूं।”
गया शहर के नई सड़क इलाके में रहने वाले डॉ. प्रेम कुमार कहार जाति (चंद्रवंशी समुदाय) से आते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं, दोनों शादीशुदा हैं। बेटा भारतीय जनता युवा मोर्चा में पदाधिकारी है। सहज और सरल स्वभाव के कारण वे लगातार 35 वर्षों से जनता का भरोसा जीतते आ रहे हैं।
1990 में जब भाजपा बिहार में अपना विस्तार खोज रही थी, तब गया टाउन क्षेत्र में पहली बार पार्टी को मजबूत जमीन डॉ. प्रेम कुमार ने दिलाई। इससे पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी। लेकिन 1990 में कांग्रेस का वर्चस्व टूट गया और तब से आज तक जनता ने अपना विधायक नहीं बदला।
सीपीआई के शकील अहमद खान, मसूद मंजर, कांग्रेस के संजय सहाय सहित कई उम्मीदवार बदले, दल बदले, रणनीतियां बदलती रहीं—पर गया टाउन में एक ही नाम अडिग रहा, डॉ. प्रेम कुमार।
विपक्ष के सभी दांवों के बावजूद वे हर बार जीत का अंतर बढ़ाते हुए ही विधानसभा पहुंचे हैं। उनकी यह निरंतरता उन्हें बिहार की राजनीति में एक विशेष पहचान देती है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष बनकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ लिया है।






