दिलीप कलमकार चुने गये मैन ऑफ द मंच
फर्रुखाबाद। नगर के क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर चल रहे फर्रुखाबाद हैंडलूम महोत्सव प्रदर्शनी के पंडाल में भव्य काव्योत्सव का आयोजन दीप संस्था अध्यक्ष निमिष टंडन की अध्यक्षता एवं युवा कवि वैभव सोमवंशी के शानदार संचालन में हुआ। इस मौके पर युवा कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए। कवि सम्मेलन की में श्रेष्ठ ओज की रचना शहीद भगत सिंह के लिए युवा कवि दिलीप कश्यप कलम कार को मैन आफ द मंच का सम्मान दिया गया। जिसका निर्णय संपूर्ण मंच वह श्रोताओं में सर्वसम्मति से किया। सम्मेलन के संरक्षक के रूप में उपकार मणि उपकार ने वाणी पुत्रों की नयी फसल को भविष्य में पलने फूलने की शुभकामनाएं दीं।
कवि श्रृंखला के प्रथम कवि के रूप में ओज के हस्ताक्षर प्रियांशु पांडेय ने कहा-उठो वीर अब समय हो गया नींद से फिर जग जाने का समय हो गया फिर से नभ पे भगवा को लहराने का।
वैभव सोमवंशी सुभाष ने कहा राम हमारी सुबह हमारी शाम है, राम रात दिन राम ही आठों याम है।
विशाल श्रीवास्तव ने पढ़ा-मात पिता के अरमानों से क्यों अपना मुंह मोड़ आए।
जिसने कांधे पर बैठाया उसके कांधे तोड़ आए।
तुमको लेकर स्वप्न सजाए जिसने अनगिन रातों को, और अचानक आज उन्हीं को तुम वृद्धाश्रम छोड़ आए।
दिलीप कश्यप कलमकार ने कहा-सोच लिया था भगत सिंह ने अब तो कुछ करना होगा
मातृभूमि की बलिवेदी काट शीश धरना होगा।
जगमोहन गौतम मुसाफिर ने ग़ज़ल पढी -दिल नहीं जिसपे मेरी जान फ़िदा है गौतम, सामने आती है चुपके से गुज़र जाती है।इसके अलावा, मोनू त्रिवेदी , विभोर सोमवंशी, निमिष टंडन , डा.अरुण पाठक, ने काव्यपाठ किया। आयोजक मोहम्मद रफी व की टीम ने सभी का आभार व्यक्त किया ।सभी कवियों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।






