रक्षामंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक: सरकार और विपक्ष के बीच हंगामे की संभावना बढ़ी

0
25

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसमें केंद्र और विपक्ष के बीच कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर हंगामे की संभावना बढ़ी हुई है। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र होगा और सरकार संसद को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है। गौरव गोगोई ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता सूची की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा करने की मांग की।

वहीं माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की कमज़ोरियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि अगर संसद कार्य बाधित होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई कि शीतकालीन सत्र में सभी सांसद शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। उन्होंने कहा, “अगर हम शांत मन से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा।”

इस सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक सहित अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। वहीं विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन और दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला, वोट चोरी और सोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।

संसद का यह तीन सप्ताह लंबा सत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के बाद हो रहा है, जिससे सत्र के दौरान केंद्र और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here