लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंगलवार से मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान प्रारंभ हो गया है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 के बीच प्रदेश के कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और छूटे हुए मतदाताओं को शामिल करना है।
बीएलओ प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना फॉर्म देंगे, जिनमें से एक प्रति मतदाता द्वारा हस्ताक्षरित कर अपने पास रखेंगे। बीएलओ कम से कम तीन बार मतदाताओं के घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण और संग्रहण का कार्य करेंगे। गणना फॉर्म में मतदाता का नाम, एपिक संख्या, भाग संख्या, क्रम संख्या, विधानसभा क्षेत्र का नाम और फोटो पहले से मुद्रित रहेगा। मतदाता चाहें तो अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी चस्पा कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। जो मतदाता अपने भरे हुए गणना फॉर्म बीएलओ को सौंप देंगे, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएंगे। मतदाता अपने या अपने परिजनों का नाम चुनाव आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर भी देख सकते हैं और आवश्यक विवरण गणना प्रपत्र में भर सकते हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता सूचियों का प्रारूप 9 दिसम्बर को प्रकाशित किया जाएगा। इन पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 9 दिसम्बर से 8 जनवरी तक तय की गई है। नोटिस चरण 9 दिसम्बर से 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें सुनवाई, सत्यापन, और गणना फॉर्म पर निर्णय की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं होंगे, उन्हें संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। आयोग के अनुसार, ऐसे लगभग 30 प्रतिशत मतदाता होंगे जिन्हें सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा, जबकि शेष 70 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन स्वतः हो जाएगा।
नोटिस की सुनवाई के दौरान पहचान और पते के सत्यापन हेतु केंद्र या राज्य सरकार के पहचान पत्र, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति या निवास प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, पेंशन आदेश या आधार कार्ड जैसे दस्तावेज मान्य होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट मतदाता जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और उनके निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील दायर कर सकेंगे।





