पीलीभीत। प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच से भरपूर पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के द्वार आज से सैलानियों के लिए खोल दिए गए। शनिवार को बराही के नए पर्यटन गेट पर वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने विधिवत शुभारंभ कर पर्यटन सत्र का आगाज किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा व बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद सहित विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शुभारंभ अवसर पर सैलानियों का स्वागत समिति की ओर से अपने उत्पादों से बनी वस्तुएं भेंट कर किया गया।नए पर्यटन सत्र के साथ ही जंगल की हरियाली, चूका बीच का मनमोहक नजारा और बाघों की दहाड़ एक बार फिर सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी है। आने वाले सात महीनों तक पीटीआर का जंगल सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार रहेगा। वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। जंगल सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाई गई है और प्रशिक्षित गाइड सैलानियों को वन्यजीवों के बारे में जानकारी देंगे।पर्यटन सत्र के पहले दिन सैलानियों को निशुल्क जंगल भ्रमण की सुविधा दी गई। डीएफओ मनीष सिंह के अनुसार शनिवार को इच्छुक सैलानी प्रवेश द्वार से जंगल सफारी वाहन द्वारा फ्री सैर का आनंद ले सकते हैं। हालांकि निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।जंगल सफारी के लिए करीब 100 वाहन तैनात किए गए हैं, जो मुस्तफाबाद, महोफ एक नंबर गेट और बराही के नए गेट से उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा चूका बीच पर मोटर बोट की सवारी का भी रोमांच सैलानी उठा सकेंगे।वन विभाग ने इस सत्र के लिए हटों के किराये भी निर्धारित किए हैं। थारू हट में एक भारतीय सैलानी के लिए एक रात का किराया ₹5000, दो के लिए ₹5500 और तीन के लिए ₹6500 रखा गया है। वहीं विदेशी सैलानियों के लिए यह दर ₹14000 से ₹18000 तक है। ट्री हट का किराया भारतीय सैलानियों के लिए ₹8000 से ₹10000 और विदेशी सैलानियों के लिए ₹18000 से ₹22000 तक निर्धारित किया गया है।बराही रेंज का सप्तसरोवर भी सैलानियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्रिटिश काल में निर्मित इस स्थल पर पिछले वर्ष पर्यटन सुविधा का विस्तार किया गया था, जिसमें छह सुंदर हटें और दो टेंट हट शामिल हैं। सैलानी यहां ऑफलाइन बुकिंग कराकर ठहरने का आनंद ले सकेंगे।डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों के आने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पीलीभीत का पर्यटन एक नए आयाम पर पहुंचेगा।






