फर्रुखाबाद। कस्बा कमालगंज के निकट ग्राम पंचायत मोहनपुर दिनारपुर में इस समय अवैध प्लॉटिंग का ऐसा धंधा चल रहा है, जैसे कानून और प्रशासन का कोई अस्तित्व ही न हो। जहानगंज कमालगंज मार्ग के आसपास बीते कुछ महीनों से खेतों को बेतरतीब काटकर प्लॉट में तब्दील किया जा रहा है। न कोई नक्शा पास, न भू उपयोग परिवर्तन की अनुमति, न ही राजस्व विभाग से स्वीकृति सब कुछ खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर हो रहा है। भूमाफिया खेतों को आवासीय कॉलोनी बताकर लोगों को बेच रहे हैं और सरकारी अफसर मूक दर्शक बने तमाशा देख रहे हैं। ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की नाक के नीचे यह गोरखधंधा इस कदर फलफूल रहा है कि अब गांव की उपजाऊ जमीनें धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में बदल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ रसूखदार लोग किसानों की जमीन औने पौने दामों में खरीद रहे हैं और उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में बांटकर बेच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में दिन दहाड़े प्लॉटिंग चल रही है, सड़कें बनाई जा रही हैं, बिजली के खंभे गाड़े जा रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर प्रशासन की ओर से कोई रोक टोक नहीं है। कानून साफ कहता है कि किसी भी कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन के लिए उपयोग करने से पहले भू-उपयोग परिवर्तन कराना जरूरी है। उत्तर प्रदेश भू-उपयोग परिवर्तन अधिनियम 1975, पंचायत राज (भवन निर्माण उपविधि) नियमावली 2016 और राजस्व संहिता 2016 के तहत बिना स्वीकृति प्लॉटिंग करना पूर्णतः अवैध है और इसके लिए जुर्माने के साथ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद मोहनपुर दिनारपुर क्षेत्र में सब कुछ नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। भूमाफिया खुलेआम कहते हैं कि उन्हें ऊपर तक संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह पूरा क्षेत्र अवैध कॉलोनियों से भर जाएगा और आने वाले वर्षों में जलनिकासी व खेती की जमीन दोनों खत्म हो जाएंगी। लोगों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से मांग की है कि मोहनपुर दिनारपुर और जहानगंज कमालगंज मार्ग पर चल रही अवैध प्लॉटिंग की जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और सरकारी जमीन व किसानों की उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।






