अखिल भारत हिन्दू महासभा ने उठाया सवाल: गौकशी करने वालों का ‘हाफ एनकाउंटर’ और दीवार पर गोली चलाने वालों का ‘फुल एनकाउंटर’,

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है।
शिशिर चतुर्वेदी का बयान
चतुर्वेदी ने कहा कि जब बात गौ माता की हत्या (गौकशी) जैसी जघन्य घटनाओं की आती है, तो आरोपी मुस्लिम युवकों पर सिर्फ “हाफ एनकाउंटर” (अर्थात् गोली लगने के बाद गिरफ्तारी) किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर की दीवार पर गोली चलाने वाले हिंदू युवकों को बिना देर किए सीधे फुल एनकाउंटर में ढेर कर दिया जाता है।
उनका कहना है कि “गौर करिए, गौ माता जिन्हें हम माता कहते हैं, उन्हें काटने वाले जघन्य अपराधियों का केवल हाफ एनकाउंटर होता है। कुछ दिन बाद वे स्वस्थ होकर जेल से बाहर आते हैं और नए अपराधों की कहानी लिखते हैं। जबकि दिशा पाटनी के घर की दीवार पर गोली चलाने वाले आरोपियों का तुरंत फुल एनकाउंटर कर दिया गया। यह साफ तौर पर दोहरा चरित्र है।”
कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर सवाल

महासभा प्रवक्ता ने कहा कि यह स्थिति लाचार कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था की ओर इशारा करती है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में अपराधियों को धर्म देखकर कार्रवाई मिलती है। यदि आरोपी मुस्लिम है तो “राहत” और अगर हिंदू है तो “सीधा एनकाउंटर” किया जाता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसी तरह अपराधियों पर चयनात्मक कार्रवाई होती रही तो भविष्य में यह प्रवृत्ति और अपराध को बढ़ावा देगी। हाफ एनकाउंटर में आरोपी बचकर निकल जाते हैं और बाद में समाज के लिए और बड़ा खतरा बनते हैं।
अखिल भारत हिन्दू महासभा के इस बयान ने एक बार फिर यूपी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल पहले ही एनकाउंटर नीति को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। अब इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।

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