पात्र लाभार्थियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर, गंभीर मरीजों को समय पर उपचार दिलाने के निर्देश
फर्रुखाबाद। गुर्दे की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीजों के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना उपचार का महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। किडनी से संबंधित बीमारियों में लंबे समय तक जांच, उपचार और चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में योजना की सुविधा जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने और ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी पात्र मरीज को उपचार में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जरूरतमंद लोगों तक योजना की जानकारी और सुविधाएं पहुंचें।
सीएमओ ने कहा कि गुर्दे की बीमारी के शुरुआती लक्षणों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चेहरे या पैरों में सूजन, पेशाब में असामान्य बदलाव, अत्यधिक कमजोरी, रक्तचाप बढ़ना अथवा बार-बार स्वास्थ्य खराब होने जैसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने और चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार उपचार लेने से बीमारी की पहचान जल्दी हो सकती है और उसकी गंभीरता को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देश दिए कि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में समय से रेफर किया जाए। इसके साथ ही पात्र मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ दिलाने में सहयोग किया जाए। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि गंभीर बीमारी के साथ आर्थिक परेशानी भी मरीजों के उपचार में बाधा न बने और जरूरतमंद लोगों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।


