2 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय करने की मांग, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
नवाबगंज, फर्रुखाबाद । मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहा धरना गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वर्तमान में मिल रहे 2 हजार रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 21 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं। इनमें आभा आईडी बनाना, कुष्ठ रोग सर्वे, मरीजों की पहचान, स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों से संबंधित जानकारी जुटाना शामिल है। इसके अलावा विभिन्न विभागीय सर्वे और फॉलोअप का काम भी आशाओं द्वारा किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि समय के साथ उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन मानदेय में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कम मानदेय के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान आशाओं ने “अबकी बार आर-पार” और “जच्चा-बच्चा छोड़कर आशा आ गई रोड पे” जैसे नारे लगाकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 21 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा किए जाने की मांग की।


