घंटे सवाल-जवाब
– चमरौआ विधायक रहे हैं ट्रस्ट के संयुक्त सचिव, दान, निर्माण और शत्रु संपत्ति प्रकरण से जुड़े सवाल
– शहरयार खान से भी पूछताछ की तैयारी
लखनऊ। पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट एवं जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय की जांच अब ट्रस्ट से जुड़े राजनीतिक पदाधिकारियों तक पहुंच गई है। मंगलवार को ईडी ने रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान से करीब सात घंटे तक पूछताछ की।
नसीर अहमद खान पूर्व में जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसी भूमिका से जुड़े दस्तावेजों और ट्रस्ट के कामकाज में उनकी भूमिका को लेकर ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने ट्रस्ट के महत्वपूर्ण निर्णयों, चंदे की व्यवस्था और जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों पर जानकारी ली।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रस्ट को मिलने वाले चंदे का स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। इसी क्रम में ट्रस्ट से जुड़े लोगों और दानदाताओं से पूछताछ का सिलसिला भी चल रहा है। हाल में आजम खां से जुड़े कारोबारी सलीम और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ की जा चुकी है।
ईडी की पड़ताल में ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा धन के स्रोत की कड़ियों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक कंपनी के माध्यम से जौहर विश्वविद्यालय को करीब 12 से 15 करोड़ रुपये के दान से जुड़े लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
नसीर अहमद से शत्रु संपत्ति प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल किए गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में नसीर अहमद समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और पुलिस की ओर से आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। हालांकि इन मामलों में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
नसीर अहमद ने पूछताछ के दौरान ट्रस्ट के कामकाज में अपनी सक्रिय भूमिका से इनकार किया है। ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति और भूमिका से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा उपस्थित होने को कहा है।
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जांच के दौरान आयकर विभाग ने भी नसीर अहमद के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अब इसी प्रकरण में ईडी की पूछताछ के कारण जांच का दायरा और विस्तृत होता दिखाई दे रहा है।
ईडी की जांच अभी खत्म होती नहीं दिख रही है। रिपोर्टों के अनुसार एजेंसी अब ट्रस्टी शहरयार खान से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच एजेंसी ट्रस्ट के पदाधिकारियों, दानदाताओं और वित्तीय लेन-देन से जुड़े लोगों से क्रमवार जानकारी जुटाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है।


