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Friday, October 2, 2026

मुख्यमंत्री वीरता पदक से अलंकृत हुए एसटीएफ उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य

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अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को मिला सम्मान

– गाजियाबाद के रहने वाले एसटीएफ उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य मुख्यमंत्री वीरता पदक से अलंकृत

गाजियाबाद/लखनऊ। अपराधियों के विरुद्ध जोखिमपूर्ण अभियानों में असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य वीरता का परिचय देने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य को मुख्यमंत्री वीरता पदक से अलंकृत किया गया। 01 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य को वीरता पदक प्रदान किया।
कमिश्नरेट गाजियाबाद के निवासी केशव शांडिल्य का पुलिस सेवा से पुराना पारिवारिक रिश्ता भी रहा है। उनके पिता भी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में पुलिस सेवा उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कार और कर्तव्य के प्रति समर्पण का माध्यम भी रही है। पिता से मिले अनुशासन और सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए केशव शांडिल्य ने पुलिस सेवा में अपनी अलग पहचान बनाई है।
यह सम्मान वर्ष 2024 में मुजफ्फरनगर के रतनपुरी क्षेत्र में बिहार के दो लाख रुपये से अधिक के इनामी कुख्यात अपराधी नीलेश राय एवं उसके साथियों के विरुद्ध चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान प्रदर्शित उनके अदम्य साहस के लिए प्रदान किया गया।
मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे। इसी दौरान अपराधियों की ओर से चली गोली उनके सीने पर लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचा ली। गोली लगने के बावजूद उन्होंने अपना मोर्चा नहीं छोड़ा और टीम के साथ जवाबी कार्रवाई जारी रखी। इस कार्रवाई में कुख्यात अपराधी नीलेश राय घायल हुआ और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
एसटीएफ में सेवाकाल के दौरान उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और इनामी अपराधियों के विरुद्ध कई महत्वपूर्ण अभियानों में भूमिका निभाई। विभिन्न अभियानों में उन्होंने अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में टीम के साथ अग्रिम भूमिका निभाते हुए कर्तव्य का निर्वहन किया।
उनकी कार्यशैली में साहस के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की क्षमता प्रमुख रही है। कई महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका ने पुलिस टीम की कार्रवाई को प्रभावी बनाने में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री वीरता पदक प्राप्त करने के बाद उपनिरीक्षक केशव शांडिल्य ने इस सम्मान को अपनी टीम, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कर्तव्य है। मुख्यमंत्री के हाथों मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा, साहस और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगा।
गाजियाबाद से ताल्लुक रखने वाले केशव शांडिल्य की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में भी गौरव की भावना है। पिता की पुलिस सेवा से मिले संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्वयं भी पुलिस विभाग में साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री वीरता पदक उनके व्यक्तिगत साहस और कर्तव्यपरायणता का सम्मान होने के साथ-साथ उनके परिवार की पुलिस सेवा की परंपरा और समर्पण को भी सम्मानित करता है।

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