लखनऊ। राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। सपा ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाकर नामांकन करा दिया है, लेकिन तीसरे प्रत्याशी के नाम पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। इसी बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का नाम संभावित प्रत्याशियों की चर्चाओं में सामने आया है।
बृजभूषण शरण सिंह को लेकर चर्चा उस समय और तेज हुई, जब बुधवार को अखिलेश यादव ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि बृजभूषण सिंह से उनके अच्छे संबंध हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी एक हैं। सपा अध्यक्ष से जब बृजभूषण के सपा में आने की संभावना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि “जो आना चाहेगा, उसको लेंगे, उसको स्वीकार करेंगे।”
राज्यसभा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर अखिलेश यादव ने भी अभी नाम सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि फैसला संख्या बल और चुनावी गणित के आधार पर होगा। सपा के तीसरे प्रत्याशी के रूप में बृजभूषण शरण सिंह के अलावा पूर्व आईएएस आलोक रंजन, सलीम शेरवानी और अरविंद सिंह गोप के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में बताए जा रहे हैं। हालांकि, बृजभूषण को सपा का तीसरा प्रत्याशी बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस बीच बृजभूषण शरण सिंह के बुधवार के बयान ने भी अटकलों को हवा दी। उन्होंने अखिलेश यादव को लेकर कहा कि “अखिलेश के बिना सब सूना है।” हालांकि, जब उनसे राज्यसभा जाने की अटकलों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी के नामांकन के बाद अब निगाहें तीसरे उम्मीदवार पर टिक गई हैं। बृजभूषण शरण सिंह का नाम फिलहाल राजनीतिक चर्चा और अटकलों के स्तर पर है, आधिकारिक प्रत्याशी के तौर पर नहीं। तीसरे नाम की घोषणा के बाद ही सपा की रणनीति और राज्यसभा चुनाव का अगला राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होगा।


