22 समझौता ज्ञापनों से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सहयोग को विस्तार, करीब एक लाख डॉलर की व्यावसायिक प्रतिबद्धता
लखनऊ। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रभावी सहभागिता को बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड से सम्मानित किया गया। 25 से 29 सितंबर तक आयोजित व्यापार मेले में विभाग ने प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता, निवेश की संभावनाओं, नीतियों और योजनाओं के साथ प्रदेश में तैयार किए जा रहे प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन किया।
आयोजकों की ओर से यह सम्मान एमएसएमई विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने प्रदान किया। विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक डॉ. एमपी सिंह, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी अश्वनी कुमार, लोकेश सेंगर और पंकज शाह ने सम्मान प्राप्त किया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में आयोजित व्यापार मेले में विभाग की गतिविधियों का संचालन अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बीएल मीना तथा विशेष सचिव राज कमल यादव के निर्देशन एवं समन्वय में किया गया।
यूपीआईटीएस के दौरान विभाग ने देश-विदेश से आए निवेशकों, उद्यमियों, व्यावसायिक संस्थाओं और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। इस दौरान विभिन्न देशों के साथ 22 समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए। इनके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सहयोग को विस्तार मिला और करीब एक लाख अमेरिकी डॉलर की व्यावसायिक प्रतिबद्धता दर्ज की गई।
प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) समेत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी गई। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, व्यापार विस्तार और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
विभाग की सक्रिय सहभागिता, प्रभावी प्रस्तुतीकरण और समन्वित प्रयासों को देखते हुए आयोजकों द्वारा बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड दिया गया। विभाग के अनुसार, व्यापार मेले के दौरान बने व्यावसायिक संपर्क और समझौते प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, रोजगार, तकनीकी सहयोग और निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। इससे किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।


