*दो दिन की मूसलाधार बारिश ने बढ़ाई चिंता, गंगा 136.70 मीटर पर पहुंची, रामगंगा खतरे के निशान पर*
*अमृतपुर*
दो दिनों से लगातार हो रही भीषण बारिश के बाद गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नदियों के उफान पर आने से अमृतपुर तहसील क्षेत्र में दोबारा बाढ़ का संकट गहराता नजर आ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
वहीं रामगंगा नदी में 25,677 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में भी तेजी आने की आशंका है। रामगंगा के बढ़ते जलस्तर का असर निचले क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना से ग्रामीणों में एक बार फिर बाढ़ को लेकर भय का माहौल बनने लगा है।गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 136.60 मीटर को पार कर चुका है और अब यह खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर नीचे है। ऐसे में यदि पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश जारी रही तथा नदियों में पानी की आवक बढ़ी तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।पिछली बाढ़ के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि नदियों के दोबारा उफान पर आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। निचले स्थानों पर रहने वाले लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कई ग्रामीणों ने अपने जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राजस्व एवं संबंधित विभागों की टीमों को अलर्ट रखा गया है और निचले इलाकों में हालात पर निगरानी की जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से नदी के किनारे जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की जा रही है।गंगा और रामगंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर अमृतपुर क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को जिंदा कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें नदी के जलस्तर और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


