– 145.99 करोड़ रुपये मंजूर
लखनऊ। राजधानी के प्रमुख और व्यस्त तेलीबाग चौराहे पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए चार लेन फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण पर 145.99 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना पूरी होने के बाद तेलीबाग चौराहे और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित फ्लाईओवर की कुल लंबाई 858.06 मीटर होगी। इसे चार लेन का बनाया जाएगा, जिससे दोनों दिशाओं में वाहनों का आवागमन अधिक सुचारु हो सकेगा। फ्लाईओवर बनने के बाद चौराहे पर वाहनों के रुकने और क्रॉस ट्रैफिक के कारण पैदा होने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
तेलीबाग राजधानी के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। यहां से बड़ी संख्या में लोग शहर के विभिन्न हिस्सों के अलावा आसपास के क्षेत्रों की ओर आते-जाते हैं। पीक आवर्स में वाहनों की संख्या बढ़ने से चौराहे पर जाम की स्थिति बनती है।
सरकार के अनुसार फ्लाईओवर निर्माण से करीब 5 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन आसान होगा।
फ्लाईओवर के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य तेलीबाग चौराहे पर यातायात के दबाव को कम करना है। फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहनों को चौराहे के नीचे रुकने की आवश्यकता कम होगी, जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात की गति बनी रहने में मदद मिलेगी।
परियोजना के पूरा होने के बाद तेलीबाग चौराहे के आसपास के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन में भी सुधार की उम्मीद है। निर्माण के दौरान हालांकि यातायात व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए चुनौती होगी।
प्रस्तावित फ्लाईओवर की 858.06 मीटर लंबाई और चार लेन क्षमता के साथ इसके निर्माण के लिए 145.99 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। परियोजना के तहत निर्माण कार्य शुरू होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा यातायात डायवर्जन और निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव के बीच तेलीबाग फ्लाईओवर को शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
यूथ इंडिया क्रॉसर
➡️ तेलीबाग चौराहे पर 145.99 करोड़ से बनेगा चार लेन फ्लाईओवर
➡️ 858.06 मीटर लंबा होगा प्रस्तावित फ्लाईओवर
➡️ करीब 5 लाख लोगों को आवागमन में मिलेगी राहत
➡️ चौराहे के जाम और ट्रैफिक दबाव को कम करने में मिलेगी मदद


