लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। योगी ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी गैरजिम्मेदाराना गतिविधियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कटघरे में खड़ा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
योगी ने कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर भ्रम पैदा कर रहा है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले भी कई वर्षों में हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को अपना नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने का अधिकार है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने हाल में सार्वजनिक रूप से एसआईआर और संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणामों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो इसे अपनी राजनीतिक सफलता बताते हैं, लेकिन हार की स्थिति में चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से अपने बयानों और रवैये पर विचार करने को कहा।
योगी ने कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के पराक्रम पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर इस तरह के आरोप उचित नहीं हैं।
हालांकि, एसआईआर को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। हाल की रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े फैसलों और फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने करीब 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग ने इसके जवाब में कहा है कि एसआईआर समेत अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इसी विवाद के बीच कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जरूरी है।
वहीं, विपक्षी दल 30 सितंबर को बैठक कर एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा करने की तैयारी में हैं।


