लखनऊ। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने राजधानी के आशियाना इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सेक्टर ई, एल, जी और एच समेत कई इलाकों में सड़कें और घरों के बाहर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है। जलभराव के कारण हजारों लोग करीब 36 घंटे से घरों में कैद हैं। पानी का स्तर बढ़ने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
आशियाना की प्रमुख खजाना मार्केट भी जलभराव की चपेट में है। यहां 250 से अधिक दुकानें हैं, लेकिन पानी भरने के कारण बाजार बंद पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि तीन दिन से कारोबार पूरी तरह ठप है और लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। स्थानीय निवासी शरीफ ने बताया कि इलाके में जलभराव की समस्या पुरानी है। कुछ घंटे की बारिश में ही सड़कें डूब जाती हैं, जबकि लगातार तीन दिन बारिश होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
दुकानदार संगम ने बताया कि वह चार्ट की दुकान चलाते हैं, लेकिन तीन दिनों से दुकान नहीं खोल सके हैं। उनके मुताबिक करीब 40 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है। नगर निगम और पार्षद से कई बार शिकायत के बावजूद जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
जलभराव का असर लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ा है। दूध की सप्लाई प्रभावित है, जबकि कई इलाकों में ऑनलाइन भोजन पहुंचाने वाले कर्मचारी भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। कैब और बाइक सेवा के चालक जलभराव वाले इलाकों की बुकिंग रद्द कर रहे हैं। घरेलू काम करने वाली सहायिकाओं समेत कई कर्मचारी भी पानी के कारण घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सड़कों पर पानी भरने से दर्जनों वाहन भी फंसकर बंद हो गए हैं। कुछ स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जलनिकासी की रफ्तार कम होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इलाके की जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त नहीं किया जाता, हर बारिश में आशियाना के लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ेगा।


