सहारनपुर। सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर जिले और देश का नाम रोशन किया। प्राची ने फाइनल दौड़ 53.21 सेकंड में पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया।
प्राची चौधरी सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र के झबीरण गांव की रहने वाली हैं। किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचने वाली प्राची की सफलता संघर्ष और मेहनत की कहानी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अभ्यास जारी रखा और करीब एक दशक की मेहनत के बाद एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचीं।
400 मीटर फाइनल में बहरीन की सलवा नासिर ने 49.20 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण और ईरान की जहरा जारेई मनूजान ने 52.38 सेकंड के साथ रजत पदक जीता। प्राची ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य अपने नाम किया। भारत की दूसरी धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के साथ पांचवें स्थान पर रहीं।
प्राची की उपलब्धि इसलिए भी खास है कि उन्होंने गांव के सीमित संसाधनों से अपने खेल सफर की शुरुआत की। रिपोर्टों के अनुसार, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण रही और शुरुआती दौर में खेल से जुड़े संसाधन जुटाना भी चुनौती था। इसके बावजूद उन्होंने प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का सिलसिला जारी रखा।
प्राची के कांस्य पदक जीतने की खबर के बाद सहारनपुर के खेल प्रेमियों और उनके गांव में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को जिले की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्राची चौधरी को महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी और उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
फोटो कैप्शन: एशियन गेम्स-2026 में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली सहारनपुर की धाविका प्राची चौधरी।


