ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में अचानक आग लगने से नौ यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ। आग लगने से पहले बस में धुआं और जलने जैसी तेज बदबू आने की बात सामने आई है। यात्रियों ने चालक को इसकी जानकारी देकर बस रोकने को कहा था।
बस में सवार यात्री सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है। सुनील के मुताबिक, घटना के समय कुछ यात्री सो रहे थे, जबकि कुछ सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बस के भीतर धुआं दिखाई देने लगा और जलने जैसी बदबू आने लगी। यात्रियों ने चालक को सतर्क किया और बस रोकने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि चालक ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
धुआं बढ़ते ही मची चीख-पुकार
कुछ देर बाद बस के अंदर धुआं तेजी से भरने लगा और आग फैल गई। इसके बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान चालक और परिचालक मौके से भाग गए। यात्रियों ने खुद ही फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
बस में अग्निशमन यंत्र मौजूद था, जिससे यात्रियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई। सुनील ने बताया कि उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बस की खिड़की का शीशा तोड़ने का प्रयास किया। अन्य यात्री भी अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए।
खिड़कियां तोड़कर बचाने का प्रयास
आग और धुएं के कारण बस के अंदर जाना मुश्किल हो गया। कई यात्रियों ने खिड़कियों से निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ लोग बस से कूदकर बाहर आए। इस दौरान बस के अंदर फंसे यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई देती रही। आग इतनी भीषण थी कि नौ यात्री बाहर नहीं निकल सके और झुलसने से उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की वजह और चालक की भूमिका समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है
यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, नौ यात्रियों की मौत


