अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित हुआ एक दिवसीय कार्यक्रम
फर्रुखाबाद। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन फतेहगढ़ के सभागार में एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जनपदीय पुलिस कर्मियों को सांकेतिक भाषा के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन ऑफ द डीफ वेलफेयर के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित लोगों से संवाद करने के लिए सांकेतिक भाषा की जानकारी देना रहा, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस कर्मी उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकें और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवेदनशीलता और समान व्यवहार के साथ संवाद स्थापित करना पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद पुलिस समाज के हर वर्ग के लिए सुरक्षित, समावेशी और संवेदनशील वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष आवश्यकता वाले लोगों की समस्याओं को समझने और उनकी सहायता के लिए पुलिस कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक भाषा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी दिया गया। पुलिस की ओर से कहा गया कि ऐसा समाज बनाया जाना चाहिए, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और अधिकार प्राप्त हों।
कार्यक्रम में “सांकेतिक भाषा—सबके लिए, सब जगह, हमेशा” तथा “बातें हाथों से, दिल तक…” जैसे संदेशों के माध्यम से सांकेतिक भाषा के महत्व को रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों ने सांकेतिक भाषा सीखने में रुचि दिखाई और इसे जरूरतमंद लोगों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की उपयोगी पहल बताया।
सांकेतिक भाषा से संवाद का बढ़ा दायरा, पुलिस कर्मियों को दिया प्रशिक्षण


