28.9 C
Lucknow
Wednesday, September 23, 2026

कालकाजी गैंगरेप के बाद LG का बड़ा फैसला, एक हफ्ते में दिल्ली के सभी पार्कों का होगा सेफ्टी ऑडिट

Must read

नई दिल्ली: दिल्ली के कालकाजी (Kalkaji ) के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से कथित गैंगरेप (Kalkaji gang-rape) की घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) ने पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने दिल्ली के सभी पार्कों का एक सप्ताह के भीतर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। उपराज्यपाल ने बुधवार को इस संबंध में दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि MCD कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और DDA के उपाध्यक्ष के साथ बैठक में राजधानी के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

उपराज्यपाल ने कहा कि सेफ्टी ऑडिट के दौरान पार्कों में पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑडिट के जरिए ऐसे स्थानों की पहचान करने पर भी जोर रहेगा, जहां सुरक्षा से जुड़ी कमियां मौजूद हैं, ताकि उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली पुलिस पार्कों के आसपास ‘पिंक पुलिस’ कर्मियों की तैनाती के साथ बीट पेट्रोलिंग को मजबूत करेगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। वहीं, DDA और MCD पार्कों के नियमित रखरखाव के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), निजी संस्थाओं और स्थानीय शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार करेंगे।

इसका उद्देश्य पार्कों की स्वच्छता, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आसानी से सुलभ पार्क जरूरी हैं। उन्होंने पार्कों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।

फरीदाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय लड़की के साथ सोमवार शाम कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक आसिफ गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुआ था। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और पीड़िता तथा उसके पुरुष मित्र को धमकाकर पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गए। इसके बाद नाबालिग के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।

पुलिस के मुताबिक, घटना पार्क के भीतर एक जर्जर पुरानी इमारत में हुई। गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ के अलावा हेमंत और उसका भाई मुकेश शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हेमंत पेशे से वकील है, जबकि मुकेश बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है। दोनों फरीदाबाद के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली के श्रीनिवासपुरी में रह रहे थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की आगे जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। वे पार्क के आसपास रहते और काम करते थे और अक्सर वहां मिलते भी थे। पुलिस के मुताबिक, अमर कॉलोनी निवासी आसिफ ओखला मंडी में प्याज के थोक कारोबारी के तौर पर काम करता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या तीनों आरोपी पार्क में हुई किसी अन्य ऐसी घटना में भी शामिल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस तरह की किसी अन्य घटना को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं कोई और पीड़िता तो नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार तड़के अमर कॉलोनी में डीएम ऑफिस रोड के पास पुलिस टीम ने आसिफ को रोकने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान उसने तीन राउंड फायरिंग की। एक गोली हेड कॉन्स्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में दो राउंड फायर किए गए, जिनमें से एक गोली आसिफ के दाहिने पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article