कमालगंज, फर्रुखाबाद। कस्बा कमालगंज में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल गणेश महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में प्रतिदिन नए-नए धार्मिक कार्यक्रमों का मंचन हो रहा है। बाहर से आए कलाकार नित्य नई लीलाओं से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
कमालगंज संवाददाता 📍
महोत्सव के सातवें दिन रविवार की रात आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाही रोशनी और आकर्षक सजावट से सजा पूरा महोत्सव परिसर देर रात तक श्रद्धालुओं से भरा रहा। पंडाल से लेकर आसपास की सड़कों तक पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ था
कार्यक्रम का शुभारंभ भजन-कीर्तन और विधि-विधान से पूजन के साथ हुआ। मधुर भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते नजर आए। इसके पश्चात गणपति बप्पा की भव्य आरती की गई। आरती के दौरान पूरा पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा।
रात्रि कार्यक्रम में हापुड़ से आए कलाकारों ने कई धार्मिक झांकियां प्रस्तुत कीं। सबसे पहले माता शबरी के बेर की भावुक लीला दिखाई गई, जिसमें भगवान श्रीराम और माता शबरी के प्रसंग ने सभी को भावविभोर कर दिया। इसके बाद लक्ष्मीनारायण की झांकी में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूपों और भगवान विष्णु के 12 रूपों की लीला का सजीव मंचन किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए।
इसके बाद महाकाली की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। कलाकारों ने देवी के रौद्र रूप और राक्षसों के संहार का जीवंत प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति के दौरान पंडाल में मौजूद भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। झांकियों के माध्यम से धर्म, सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
पूजन करने वालों में शैलेंद्र सिंह राठौड़,लेखपाल अभय त्रिवेदी, चित्रांशु शुक्ला, सत्यम गहरवार गौरव ठाकुर,सुशील गुप्ता, सरिता तिवारी, आदि शामिल रहे। व्यवस्था संभालने में महेंद्र पाठक,अमित गुप्ता, शोभित गुप्ता, रविशंकर गुप्ता, राजीव गुप्ता, सुधांशु विश्नोई, अनूप गुप्ता, अभय गुप्ता, रुद्र गुप्ता, महेंद्र पाठक, शिवकुमार हलवाई आदि का सहयोग रहा। आयोजकों ने बताया कि बुढ़वा मंगल के अवसर पर सुंदरकांड के बाद पंडाल में हनुमान अंश फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। महोत्सव में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति के पदाधिकारी और स्वयंसेवक लगातार व्यवस्था संभालते रहे। देर रात तक कार्यक्रम भक्ति और उल्लास के माहौल में चलता रहा।
कमालगंज में गणेश महोत्सव की धूम, सातवें दिन भक्ति और लीलाओं से गुलजार रहा पंडाल


