योगी बोले गिनते रहिए, हम नौकरी देते जाएंगे
अखिलेश के तंज पर मुख्यमंत्री का पलटवार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के तंज के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि वे गिनते रहें, हम नौकरी देते जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक लाख से कम नहीं, बल्कि इससे अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में विभिन्न विभागों के 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें कौशल विकास, आयुष, उद्योग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। कार्यक्रम में 21 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने स्वयं नियुक्ति पत्र दिए, जबकि शेष चयनितों को विभागों की ओर से नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में करीब 36 हजार युवाओं की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जबकि होमगार्ड में भी बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से भी आने वाले महीनों में हजारों युवाओं को नियुक्ति देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के एक लाख युवाओं को नौकरी देने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जनवरी के बाद आचार संहिता लागू हो सकती है, ऐसे में एक लाख नौकरियां कैसे दी जाएंगी। इसके जवाब में योगी ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार चल रही है और सरकार लक्ष्य से कम नहीं, बल्कि अधिक नियुक्तियां देने का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले भर्ती बोर्डों और आयोगों की व्यवस्था भाई-भतीजावाद से प्रभावित थी और युवाओं को नौकरी के लिए पलायन करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। इन आरोपों पर विपक्ष की अपनी राजनीतिक आपत्तियां हैं।
सरकार की ओर से घोषित अभियान के तहत आने वाले महीनों में पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई है। ऐसे में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में रोजगार के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच प्रमुख बहस का विषय बन गया है।


