सीतापुर। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन की नीली पोशाक को लेकर तीखा हमला बोला। मिश्रिख में सामाजिक न्याय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नीले कपड़े पहनाकर किसी को बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं जैसा दिखाया जा सकता है, लेकिन इससे राजनीतिक चरित्र नहीं बदला जा सकता।
चंद्रशेखर ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपने पुराने कार्यों पर जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल रंग बदलने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा ने छात्र सभा के कार्यकर्ताओं के लिए नीली शर्ट और नीली पैंट अथवा नीली जींस-टीशर्ट का नया ड्रेस कोड लागू किया है।
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को अपना नेता बताते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि दलित मतदाताओं का बसपा से खिसकना इसलिए हुआ क्योंकि उनके अनुसार भाजपा सरकार में दलितों के शोषण के खिलाफ मायावती ने पर्याप्त आवाज नहीं उठाई। उन्होंने समाजवादी पार्टी और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए दोनों दलों की नीतियों पर सवाल उठाए।
चंद्रशेखर ने दावा किया कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर शराबबंदी लागू की जाएगी तथा कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और अस्पतालों की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात भी कही।
उन्होंने चुनाव में अनियमितताओं को रोकने के लिए मतपत्र से मतदान की मांग का समर्थन किया। साथ ही बताया कि आजाद समाज पार्टी 23 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण, अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को पूना समझौता दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को जनता के सामने रखा जाएगा।
चंद्रशेखर के मुताबिक उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप दे दिया है।


