– 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन को ज्ञापन
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, जनपद फर्रुखाबाद ने लेखपालों की लंबे समय से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान की मांग को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के समस्त लेखपाल आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होंगे।
संघ द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला होते हुए भी निरंतर बढ़ते कार्यभार, संसाधनों के अभाव, लंबित पदोन्नति तथा अन्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, किसान हितैषी कार्यक्रमों, राजस्व संबंधी कार्यों, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था सहित अनेक शासकीय कार्यों में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
संघ ने मांग की है कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाए। पत्र के अनुसार वर्ष 2019 में लगभग 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद वर्ष 2025 में पोर्टल खोले जाने पर 2669 लेखपालों ने आवेदन किया, लेकिन संघ के अनुसार आवेदनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में कहा गया है कि लगभग 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद अथवा गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं।
संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि चयन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की पदोन्नति सूचियां 28 अक्टूबर 2024 को जारी की जा चुकी हैं, जबकि 2025-26 के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की कार्रवाई पूरी होने के बावजूद सूची जारी नहीं हुई है।
संघ ने वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम एवं प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई है। पत्र के अनुसार परीक्षा 13 सितंबर 2025 को संपन्न हो चुकी थी, लेकिन लगभग 12 माह बाद भी परिणाम घोषित नहीं किया गया है। संघ का कहना है कि परिणाम घोषित होने से नव नियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
लेखपाल संघ ने विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग रखी है। इनमें स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 प्रतिमाह, निजी वाहन के स्थान पर मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 प्रतिमाह तथा विशेष भत्ता 100 से 1000 करने की मांग शामिल है। संघ का तर्क है कि बढ़ते क्षेत्रीय भ्रमण और प्रशासनिक दायित्वों के बीच मौजूदा भत्ते पर्याप्त नहीं हैं।
संघ ने भूलेख कार्यालयों एवं पटलों पर संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि इससे राजस्व के मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लेखपालों पर अनावश्यक कार्यभार बढ़ रहा है।
संघ ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाया है। पत्र के अनुसार कई ग्राम सचिवालयों में अलग कक्ष, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इससे लेखपालों के कार्य प्रभावित होने की बात कही गई है।
संघ ने लेखपालों के लिए 2800 ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति दूर करने की मांग दोहराई है।
ज्ञापन के अंतिम भाग में संघ ने कहा है कि यदि उसकी लंबित मांगों पर शासन एवं परिषद द्वारा तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के समस्त लेखपाल अपने मूल हल्के में कार्य करते हुए अतिरिक्त हल्के का बहिष्कार करेंगे।


