आंधी-बारिश ने मचाई तबाही
बरेली में महिला की मौत, कानपुर में पेड़-पोल उखड़े
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। गुरुवार सुबह बरेली, मेरठ, संभल, मुरादाबाद और कानपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। बरेली में धूलभरी आंधी के बाद हुई तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। किला पुल पर विशाल पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया और हाईटेंशन लाइन टूटने से कई इलाकों की बिजली गुल हो गई।
बरेली के बल्लाकोठा गांव में आंधी-बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से 25 वर्षीय गणेशी की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे में पांच अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
कानपुर में तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश हुई। घाटमपुर क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक तेज हवा चली, जिससे कई पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। बिजली के पोल और अन्य ढांचे भी प्रभावित हुए। पेड़ गिरने से संपर्क मार्ग बाधित हो गया। संभल में सुबह हुई मूसलाधार बारिश से सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंच गया।
उधर लखीमपुर खीरी में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। अमरी घाट स्थित मंदिर में पानी घुसने से सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। पीलीभीत में भी बाढ़ और बारिश के बीच तेंदुओं के आबादी वाले इलाकों के आसपास दिखाई देने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ी है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 66 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी बनी हुई है और करीब 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बताए जा रहे हैं। इससे करीब चार लाख की आबादी प्रभावित है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में 20 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 22 सितंबर से प्रदेश में मौसम के पूरी तरह शुष्क होने के आसार हैं।


