शरद कटियार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 16.5 लाख सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 9.5 लाख नियुक्तियां उनकी सरकार के कार्यकाल में हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रुकने वाली नहीं है, बल्कि समय से 10 कदम आगे की सोच के साथ प्रदेश को विकास की नई दिशा देने के लिए काम करेगी।
मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने संस्थान में ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट और आपातकालीन विभाग में 40 नए बेड वाले वार्ड का लोकार्पण किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोहिया संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। इसे चिकित्सा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। संस्थान में 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर और 1010 बेड के नए अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 41 थी, जो अब बढ़कर 81 हो गई है। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 और पीजी सीटें 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या भी 1,247 से बढ़कर 2,300 से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में संसाधनों की कमी नहीं रहने दी है और स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहिया संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। बोन मैरो और लिवर ट्रांसप्लांट की दिशा में भी तैयारी चल रही है। संस्थान में रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, लेजर, उन्नत जांच, टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने टेली कंसल्टेशन को और बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे बड़े चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की भीड़ कम की जा सकती है और दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह आसानी से मिल सके।
योगी ने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों से अपने आंकड़ों को सुरक्षित रखने और उनके आधार पर शोध व नई स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारियों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में चिकित्सा, तकनीक, शोध और नवाचार को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि संस्थान में प्रतिदिन करीब पांच हजार मरीज ओपीडी और 600 मरीज आपातकालीन विभाग में पहुंच रहे हैं। पिछले वर्ष 10 लाख से अधिक ओपीडी परामर्श, 85 हजार से अधिक मरीजों की भर्ती और 40 हजार से अधिक बड़ी व छोटी सर्जरी हुईं। संस्थान में अब तक करीब 600 रोबोटिक सर्जरी भी की जा चुकी हैं।


