गोंडा के जाहिद अली को बड़ी राहत, छह माह जिलाबदर करने का आदेश भी निरस्त
लखनऊ। गुंडा एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए गोंडा निवासी जाहिद अली को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उसे गुंडा घोषित करने के जिलाधिकारी के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही छह माह के लिए जिलाबदर किए जाने का आदेश भी निरस्त कर दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को आदतन अपराधी साबित करने के लिए केवल एक मुकदमा पर्याप्त नहीं है। खासकर ऐसे मामले में जहां संबंधित मुकदमे में व्यक्ति पहले ही बरी हो चुका हो, उसके आधार पर उसे गुंडा घोषित नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बीट सूचना रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करते समय कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि गुंडा एक्ट निर्दोष लोगों के उत्पीड़न का माध्यम नहीं बन सकता। कानून का इस्तेमाल वास्तविक रूप से आदतन अपराधियों के खिलाफ किया जाना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति को परेशान करने या उसके अधिकारों को प्रभावित करने के लिए।
अदालत ने संबंधित प्रशासनिक आदेशों को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई में ठोस आधार और पर्याप्त सामग्री होना आवश्यक है। कोर्ट की इस टिप्पणी को गुंडा एक्ट के तहत होने वाली मनमानी कार्रवाई पर महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।


